मनरेगा में नर्मदा किनारे रोपे गए पौने दो करोड़ पौधों की होगी जियोटैगिंग

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में मनरेगा के तहत 2 जुलाई 2017 को नर्मदा किनारे लगाए पौने दो करोड़ पौधों की जांच के औपचारिक आदेश हो गए हैं। मप्र पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग ने नर्मदा नदी और इसके कछार के दायरे में आने वाले 24 जिलों के कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को पौधारोपण का भौतिक सत्यापन कर जांच रिपोर्ट 7 दिन में देने को कहा है। जिला पंचायत सीईओ नेहा मीणा ने  40 लोगों की टीम बना दी है, जो तीन दिन में जांच रिपोर्ट दे देगी।  बता दें कि वनमंत्री उमंग सिंघार इस मामले में शिवराज सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं। 


ईओडब्ल्यू ने इस संबंध में जांच भी बैठाई हुई है। गुरुवार को विभाग की अपर मुख्य सचिव गौरी सिंह ने भी इस संबंध में हुई बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अफसरों को निर्देश दिए कि जांच समयसीमा में पूरी कर रिपोर्ट जल्द भिजवाएं।  


खास बात है कि इन्फ्रामैपिंग मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग कर सभी पौधों की जियोटैग फोटोग्राफ ली जाएगी। इसके लिए विकास आयुक्त कार्यालय के उपायुक्त अजय शुक्ला ने प्रशासन व पंचायत को दल गठित करने को कहा है। जांच रिपोर्ट आयुक्त, मप्र राज्य रोजगार गारंटी परिषद को भेजी जाएगी।


इन जिलों में जांच के आदेश
इंदौर, बड़वानी, धार, आलीराजपुर, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, मंडला, होशंगाबाद,  कटनी, अनूपपुर, देवास, नरसिंहपुर, रायसेन, बैतूल, सिवनी, डिण्डोरी, दमोह, जबलपुर, सीहोर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सागर व हरदा।


जांच के आदेश दिए हैं : पटेल
मनरेगा योजना के तहत लगवाए पौधों की जांच के आदेश दे दिए हैं। शासकीय राशि का दुरूपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।- कमलेश्वर पटेल, पंचायत मंत्री, मप्र


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